Indian Shayari

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web site tribute to my father and mother.

कही जिन्दगी की दौङ धूप मे ,पैसा कमाने मे हम अपने परिवार को अनदेखा तो नही कर रहे वो लोग जिन्होने हमारा हर मोङ पर साथ दिया रास्ता दिखाया,दुआए दी और

हर बार हमे माफ कर दिया हर कमी के साथ सिर्फ प्यार किया इससे पेहले की वो हमसे दूर हो जाये या हमारी जरूरत ही मेह्सूस ना करे आओ थोङा वक्त उनके लिये

निकाले कमाना जरुरी है पर रिश्ते भी अगर वो ही ना रहे तो कमा कर का क्या करेगे !


उन खास रिशतो मे एक एहम रिशता है मा बाप से इस तेज रफ्तार मे जहा हम भीङ से घीरे है हो सकता है वोह अकेलेपन से लङ रहे हो उनकी जरूरती समझे जिन्होने

हमारी हर जरूरत को अपने पसीने की कमायी से पुरा किया हमे इस काबिल बनाया की हम सर उठा कर जी सके!

उन्हे मेरा नमन
रुपाली सरगम